बल में नियुक्त किये जाने और बल का सदस्य बने रहने के समय तक बल का प्रत्येक सदस्य पुलिस अधिकारी समझा जायेगा और वह ऐसी शर्तों, निर्बधनों तथा सीमाओं के अध्यधीन होगा जैसाकि विहित किया जाये, और उसके पास ऐसी समस्त शक्तियां, विशेष शक्तियां, उत्तरदायित्व अवरोध, दण्ड तथा संरक्षण होंगे तथा वह उनसे शासित होगा जैसाकि पुलिस अधिनियम, 1861 या तत्समय प्रवृत्त ऐसी किसी अन्य विधि के अधीन अथवा तद्धीन बनायी गयी किसी नियमावली या विनियमावली के अधीन नियुक्त पुलिस अधिकारियों के लिये लागू हो किन्तु ऐसी शर्तें, निबंधन तथा सीमाये उक्त अधिनियम के अधीन कृत आदेशों के प्रतिकूल न हो।
(1) गिरफ्तारी किये जाने में अधिनियम की धारा 10 के अधीनः-
(एक) बल का सदस्य गिरफ्तार किये जाने वाले व्यक्ति के वस्तुतः शरीर को स्पर्श करेगा या परिरुद्ध करेगा।
(दो) यदि ऐसा व्यक्ति अपनी गिरफ्तारी का प्रयास किये जाने में बलपूर्वक प्रतिरोध करता है या गिरफ्तारी से बचने का प्रयत्न करता है तो बल का सदस्य, गिरफ्तारी को प्रभावी करने के लिए आवश्यक समस्त साधनों का उपयोग कर सकता है। बल प्रयोग किये जाने की दशा में उस विशिष्ट अवस्थिति में उसका न्यूनतम अपेक्षित प्रयोग किया जाना चाहिए।
(तीन) गिरफ्तार किये गये व्यक्ति पर उसके बचकर भागने से रोकने की आवश्यकता से अधिक अवरोध नहीं किया जायेगा।
(चार) गिरफ्तारी करने वाला बल का सदस्य ऐसे व्यक्ति की तलाशी कर सकता है और सभी वस्तुओं को सुरक्षित अभिरक्षा में रख सकता है। जिनके अन्तर्गत उसके पास पाये गये पहनने के आवश्यक वस्त्रों से भिन्न हथियार, यदि कोई हो सम्मिलित है। ऐसी समस्त वस्तुओं की एक सूची, कम से कम दो प्रतिष्ठित साक्षियों की उपस्थिति में और गिरफ्तार किये गये व्यक्ति की उपस्थिति में तैयार की जायेगी और साक्षियों तथा तलाशी करने वाले व्यक्ति द्वारा सम्यक रूप में हस्ताक्षरित सूची की एक प्रति, उसकी प्राप्ति की रसीद तथा उसकी प्रतिलिपि प्राप्त करने के पश्चात् इस प्रकार गिरफ्तार किए गये व्यक्ति को दी जायेगी।
(पांच) इस प्रकार गिरफ्तार किए गए व्यक्ति और साथ ही साथ अभिग्रहण की गयी वस्तुओं और उनकी सूची को पुलिस अधिकारी या निकटतम पुलिस थाने को समय, दिनांक तथा गिरफ्तारी के कारणों को उल्लिखित करते हुए एक संक्षिप्त टिप्पणी के साथ साथ दिया जायेगा।
जब कभी अधिनियम की धारा 11 के अधीन किसी व्यक्ति और उसके सामान की तलाशी ली जायेगी तब दो सम्मानजनक साक्षियों की उपस्थिति में एक सूची तैयार की जायेगी और उक्त साक्षीगण तथा तलाशी करने वाले व्यक्ति द्वारा सम्यक रूप से हस्ताक्षरित प्रति, सम्बन्धित व्यक्ति को सम्यक रसीद प्राप्त करने के बाद दी जायेगी। ऐसी तलाशी पर इस प्रकार पायी गयी सम्पत्ति भी उक्त व्यक्ति के साथ पुलिस को प्रेषित की जायेगी। यदि ऐसी तलाशी पर कुछ भी प्राप्त नहीं होता है तो सम्यक रूप से हस्ताक्षरित एक शून्य सूचीगत विवरण उक्त व्यक्ति के साथ पुलिस को प्रेषित किया जायेगा !